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आज के जीवन में जैसा एक स्वयंसेवक होना चाहिए, ठीक वैसे थे रमेश जी – डॉ. मोहन भागवत जी

दिल्ली प्रांत के पूर्व संघचालक स्व. रमेश प्रकाश जी की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दिल्ली प्रांत के पूर्व संघचालक स्व. रमेश प्रकाश जी की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. सभा का आयोजन सिविक सेंटर के केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में किया गया. इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा राष्ट्र सेविका समिति सहित संघ के विविध संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने स्व. रमेश जी को श्रद्धांजलि दी. श्रद्धांजलि देने के पश्चात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने स्व. रमेश जी को याद करते हुए कहा कि वह अविस्मणीय हैं. अखिल भारतीय दायित्व मिलने के बाद मेरा उनसे संपर्क हुआ. उनका व्यवहार सामने वाले व्यक्ति को देखकर नहीं होता था, बल्कि सबके लिए समान होता था. वह एक लम्बे काल खंड तक कार्यकर्ता रहे. इस दौरान अनेक कार्यकर्ताओं को उन्होंने तैयार किया, जिन पर उनका व्यापक प्रभाव आज भी दिखता है. वह प्रत्येक कार्यकर्ता का गुण – दोष जानते थे. हर कार्यकर्ता के लिए समय लगाते थे.

सरसंघचालक जी ने कहा कि उनका जीवन परिवार में, समाज में एक उदाहरण है. उन्होंने अपना हर कार्य बेहद अच्छे तरीके से किया. इसका उदाहरण उनका परिवार और स्वयंसेवक हैं. स्वास्थ्य अच्छा नहीं होने के बावजूद वह संगठन कार्य में सक्रिय रहने की कोशिश करत रहे. उनका कर्तृत्व, उनकी समझदारी की सीख कार्यकर्ताओं के लिए एक उदाहरण है. जो हमेशा एक उदाहरण रहेगी. आज के जीवन में जैसा एक स्वयंसेवक होना चाहिए, ठीक वैसे ही थे रमेश जी.

स्व. रमेश प्रकाश जी का जन्म तत्कालीन भारत (पश्चिमी पंजाब, पाकिस्तान) में हुआ था. देश के विभाजन के समय वह हरियाणा के करनाल में आकर बस गए. इस दौरान वह करनाल जिला प्रचारक सोहन सिंह जी के सम्पर्क में आए. उन्होंने कुछ समय के लिए संघ की योजना से भारतीय जनसंघ में हरियाणा प्रान्त के संघठन मंत्री के रूप में कार्य भी संभाला. आपने दिल्ली प्रान्त कार्यवाह (सायंकाल) के दायित्व को बखूबी निभाया. कालांतर में अनेक दायित्वों का निर्वहन करते हुए, वे पहले उत्तरी क्षेत्र के कार्यवाह रहे और बाद में दिल्ली प्रांत के मा. संघचालक के रूप में कार्य करते रहे. रमेश प्रकाश जी का मंगलवार, 21 नवम्बर को रात्रि 11.15 बजे देहावसान हो गया था. वह 84 वर्ष के थे.

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