देश व समाज का उत्थान उसमें रहने वाले व्यक्तियों की दिशा पर निर्भर करता है – ​ ​मा.​ बजरंग लाल गुप्त

रोहतक (विसंकें). बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरियाणा प्रांत का तरुणोदय 2015 शिविर का शुभारंभ हुआ. दोपहर को प्रदेशभर से युवा जोश के साथ शिविर स्थल पर पहुंचे. शिविर हरियाणा प्रांत के इतिहास का अब तक का संघ का सबसे बड़ा शिविर है. शिविर में शाम के पांच बजे तक एकत्र आंकड़ों के अनुसार लगभग पांच हजार शिविरार्थी पहुंचे.

उद्घाटन सत्र में अपने उद्बोधन में  ​राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र संघ चालक माननीय श्री बजरंग लाल गुप्त ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 90 वर्षों से व्यक्ति निर्माण के कार्य में लगा है. किसी भी देश व समाज का उत्थान उसमें रहने वाले व्यक्तियों की दिशा पर निर्भर करता है. संघ की नित्य शाखा पर आने वालों को खेल-खेल में देशभक्ति का पाठ पढ़ाया जाता है. शाखा पर आने वाला हर कार्यकर्ता राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए भारत माता के दुख में दुखी होता है और सुख में सुखी. उन्होंने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. देश का युवा यदि यह ठान ले कि उसे अपने राष्ट्र को उन्नति के शिखर पर ले जाना है तो कोई भी बाधा भारतमाता को विश्व का सिरमौर बनने से नहीं रोक सकती.

]संघ की नित्य शाखा पर ऐसे संस्कार दिए जाते हैं, जिससे युवा सामर्थ्यवान बनता है और देशहित में काम करने के लिए तत्पर रहता है. उन्होंने कहा कि देश में आपात काल से लेकर अनेक ऐसे अवसर आए हैं, जब स्वयंसेवकों ने अपनी कर्तव्य परायणता से कार्य किया और यह साबित किया कि संघ का कार्यकर्ता राष्ट्र के प्रति निष्ठावान है और तन-मन-धन से राष्ट्र व समाज के प्रति समर्पित है. उनके अनुसार राष्ट्र के प्रति समर्पित व्यक्ति का निर्माण करने के लिए शाखा एकमात्र मार्ग है. शाखा में जाना यानी प्रमाणिकता के साथ राष्ट्र निर्माण के लिए सक्रिय भूमिका निभाना.

उद्घाटन सत्र में बाबा मस्तनाथ विवि के कुलपति डॉ. मारकंडेय आहुजा ने शिविर में आए सभी शिविरार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सभी का बाबा मस्तनाथ की तपोभूमि, कर्मभूमि, शैक्षणिक भूमि पर अभिनंदन है.

बीती रात आए तेज अंधड़ के कारण पंडाल उखड़ जाने के बावजूद स्वयंसेवकों ने कम समय में ही पंडाल को दोबारा तैयार किया और सभी कार्यक्रम समय पर प्रारंभ हुए. अंधड़ के कारण पंडाल बुरी तरह तहस-नहस हो गया था. शिविर स्थल पर लगाई प्रदर्शनी का पंडाल भी उलट-पलट हो गया था. स्वयंसेवकों ने देखते ही देखते पूरे पंडाल को दोबारा साज-सज्जा के साथ तैयार कर दिया. स्वयंसेवकों के हौसले के आगे आंधी-तूफान भी पस्त होता दिखाई दिया.शिविर में पहुंचे स्वयंसेवकों में अभूतपूर्व उत्साह दिखाई दिया. यहां पहुंचते ही स्वयंसेवकों ने अपनी आवास व्यवस्था संभालने के बाद तुरंत शिविर की दिनचर्या के अनुसार कार्यक्रमों में हिस्सा लिया. सबसे पहले हर जिला की बैठकें हुईं, जिनमें वृत्त लिया गया कि किस खंड से कितने कार्यकर्ता शिविर में पहुंचे. इसके बाद विभाग स्तर और फिर प्रांत स्तर पर वृत्त एकत्र किया गया. इसके बाद स्वयंसेवकों ने शिविर की व्यवस्थाओं को सही कराने में अभूतपूर्व उत्साह दिखाया.

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तरुणोदय शिविर में पहुंचे कालेज विद्यार्थी

 

 

 

 

 

 

 

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शिविर स्थल पर तूफान के पश्चात पंडाल को दोबारा व्यवस्थित करते कार्यकर्ता

 

 

 

 

 

 

 

 

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शिविर स्थल पर तूफान के पश्चात पंडाल को दोबारा व्यवस्थित करते कार्यकर्ता

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