News

सादगी, समर्पण, समरसता और सरलता के प्रतीक पी. परमेश्वरन जी का पुण्यस्मरण

नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि एक हजार वर्ष का इतिहास पराधीनता और आत्मरक्षा का इतिहास रहा है. जब कभी विश्व का इतिहास सदाशयता से लिखा जाएगा तो नृशंस और बर्बर शक्तियों के सामने जो दृढ़ता के साथ टिका और आत्मरक्षा के साथ जिसने अपने धर्म और […]

11 March 2020
 

चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल 2020 – समापन समारोह

“तृतीय चित्र भारती शोर्ट फिल्म फेस्टिवल” के समापन समारोह का रंगारंग आयोजन दिनांक 23 फरवरी 2020 को गुजरात यूनिवर्सिटी के कन्वेंशन सेंटर में किया गया. तीन दिवसीय इस फिल्म फेस्टिवल के अंतिम दिन आज विभिन्न श्रेणियों में अवार्ड्स दिए गए तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर श्री मनसुख मांडविया (जहाजरानी, रसायन […]

24 February 2020
 

भारतीय संस्कृति, परंपरा, समाज जीवन को उजागर करने उद्देश्य के साथ काम करती संस्था है चित्र भारती – श्री विजयभाई रुपाणी

भारतीय चित्र साधना द्वारा प्रस्तुत चित्र भारती नेशनल शोर्ट फ़िल्म फ़ेस्टिवल का शुभारंभ दिनांक 21 फ़रवरी से अहमदाबाद में हुआ.  तीन दिवसीय इस शोर्ट फ़िल्म फ़ेस्टिवल की शुरुआत शोर्ट फ़िल्म की स्क्रीनिंग से हुई। इसके बाद  मास्टर क्लास की शुरुआत हुई जिसके प्रमुख अतिथि श्री दिलीप शुक्ला और श्री मिहिर भुता थे। दिलीप शुक्ला हिंदी सिनेमा के लेखक और […]

22 February 2020
 

21-22-23 फरवरी 2020 को “चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल” का भव्य आयोजन.

भारतीय आचार विचार को पुन: प्रस्थापित करने के उद्देश्य के साथ भारतीय चित्र साधना द्वारा आरंभ की गई यात्रा में “ तृतीय चित्र भारती फिल्म फेस्टिवल “ का आयोजन वर्ल्ड हेरिटेज सिटी, अहमदाबाद में 21-22-23 फरवरी, 2020 को किया गया है. इस फिल्म फेस्टिवल में छोटी, दस्तावेजी, काल्पनिक, शोर्ट एनिमेटेड और कैम्पस फिल्मों का स्क्रीनिंग […]

20 February 2020
 

हिन्दू समाज को संगठित करने के अलावा रा.स्व.संघ का कोई अन्य कार्य नहीं है – डॉ. मोहन भागवत

रांची (विसंके). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि “हिन्दू समाज को संगठित करने के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कोई अन्य कार्य नहीं है. हिन्दुत्व के भाव से ही राष्ट्रीय भावना को प्रबल करते हुए एक समतामूलक और शोषणरहित समाज की स्थापना, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एकमात्र उद्देश्य है. राष्ट्रीय […]

20 February 2020
 

हमको समाज का संगठन करना है, जिसकी शुरुआत घर से होती है – डॉ. मोहनजी भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पू. सरसंघचालक मा. डॉ. मोहनजी भागवत ने कर्णावती में आयोजित स्वयंसेवको के परिवार मिलन कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहाँ कि स्वयंसेवको को जो कुछ काम संघ में करते है वह जानकारी वह परिवार को भी दे ऐसी पूर्ण अपेक्षा है क्योकि हम जो काम करते है वह कर सके उसके […]

16 February 2020
 

वैश्विक संदर्भ में भारत की भूमिका – डॉ. मोहनजी भागवत

माधव स्मृति न्यास – कर्णावती द्वारा 15 फरवरी को आयोजित “श्री गुरूजी व्याख्यान माला” में राष्ट्रीय स्वयसेक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनजी भागवत ने “वैश्विक संदर्भ में भारत की भूमिका” विषय पर पाथेय दिया. कार्यक्रम मंच पर मोहनजी भागवत के साथ पश्चिम क्षेत्र संघचालक डॉ. जयंती भाई भाड़ेसिया, गुजरात प्रांत संघचालक डॉ. भरत भाई पटेल, माधव […]

15 February 2020
 

सिंध हमारा है, यह भावना हर भारतीय के मन में होनी चाहिये – डॉ. मोहन भागवत

मुंबई (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि विभाजन के पश्चात सिंध पाकिस्तान में चला गया. परंतु, सिंध हमारा है, यह भावना केवल सिंधी समाज ही नहीं, वरन् प्रत्येक भारतीय, हिन्दू व्यक्ति के मन में रहनी चाहिये. और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिये. सब एक साथ जुट जाएं तो […]

11 February 2020
 

संस्कृत के एकमात्र दैनिक समाचार पत्र के प्रकाशक दंपत्ति को पद्मश्री

50 वर्ष से हो रहा एकमात्र संस्कृत समाचार पत्र सुधर्मा का प्रकाशन नई दिल्ली. भारत सरकार ने देश के एकमात्र दैनिक संस्कृत समाचार पत्र चलाने वाले दंपत्ति का चयन भी पद्मश्री पुरस्कार के लिए किया है. दोनों को संयुक्त रूप से पद्मश्री प्रदान किया जाएगा. एकमात्र संस्कृत दैनिक समाचार पत्र सुधर्मा का प्रकाशन कर्नाटक के मैसूर से होता है, […]

10 February 2020
 

विकास का भारतीय चिंतन व्यक्ति, परिवार, समाज, राष्ट्र और सृष्टि पर आधारित है – डॉ. अनिरुद्ध देशपांडे जी

आगरा (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख डॉ. अनिरुद्ध देशपांडे जी ने कहा कि पश्चिम और भारतीय चिंतन में अधिक अंतर उपभोग का है. पश्चिम में मान्यता है कि दुनिया हमारे उपभोग के लिए, इसलिए वहां व्यक्ति केंद्रित विकास की अवधारणाएं हैं. इसके विपरीत भारत की अर्थव्यवस्था पांच घटकों व्यक्ति, परिवार, समाज, राष्ट्र […]

9 February 2020