केरल में माकपा ने देवभूमि को कत्लखाना बना दिया – जे. नंदकुमार जी

केरल में माकपा गुंडों द्वारा राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में मानव अधिकार मंच का धरना

भोपाल (विसंकें). राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख जे. नंदकुमार जी ने कहा कि पिछले 8 महीनों में केरल में मार्क्सवादियों की सरकार आने के बाद पौने दो लाख आपराधिक मामले पंजीकृत हुए हैं. इनमें से अधिकांश प्रकरण माकपा के गुंडों द्वारा अपने विरोधी विचार वाले कार्यकर्ताओं के विरुद्ध हिंसा के हैं. कम्यूनिस्टों ने देवभूमि को कसाई घर में बदल दिया है. यहाँ बच्चे से लेकर वृद्ध कार्यकर्ता तक माकपाइयों की हिंसा का शिकार हो रहें हैं. नंदकुमार जी मानव अधिकार मंच द्वारा आयोजित धरने में संबोधित कर रही थीं. उन्होंने कई उदाहरणों के माध्यम से केरल सरकार के संरक्षण में बर्बरतापूर्वक हो रही कार्यकर्ताओं की नृशंस हत्या की घटनाओं का वर्णन किया.

उन्होंने मीडिया से आह्वान किया कि वे केरल जाकर अपनी आँखों से वहां की स्थिति देखें और वहाँ हो रही घटनाओं की वास्तविकता से समाज को अवगत कराएँ. अपने विरोधी विचार वालों को वीभत्स तरीके से मारना उनके घर, दुकान, वाहन, खेत आदि जलाने की घटनाएं सभ्य समाज एवं लोकतांत्रिक देश में होना शर्मनाक हैं. मीडिया इस पर गंभीर बहस करे.

कार्यक्रम के प्रारंभ में सोशल मीडिया कार्यकर्ता अनिमेष तिवारी जी ने वामपंथियों के रक्तरंजित इतिहास के बारे में बताया कि वामपंथ अब तक पूरी दुनिया में 100 मिलियन से अधिक लोगों की मौत का जिम्मेदार रहा है. वामपंथियों ने हमेशा देश तोड़ने का काम किया है. वामपंथ एक ऐसा पेड़ है जो जहाँ उगता है, वहां की ज़मीन को बंजर और जिस हवा में पनपता है, उस हवा को ज़हरीला बना देता है.

प्रदर्शन में प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा, मलयाली समाज के उन्नीकृष्णन, भारतीय मजदूर संघ के सुधाकर कुलकर्णी, दुर्गा वाहिनी की कीर्ति दीक्षित, वरिष्ठ साहित्यकार रामेश्वर मिश्र पंकज ने भी संबोधित कर वामपंथियों द्वारा की जा रही हिंसात्मक कार्यकलापों की निंदा की.

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश व्यास, संयोजक मुस्लिम राष्ट्रीय मंच एवं हज कमेटी के सदस्य सरफ़राज़ हसन, भंते शाक्यपुत्र सागर, महापौर आलोक शर्मा, सांसद आलोक संजर, कुलपति माखनलाल वि.वि. बीके कुठियाला, वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा, ज्ञानी दिलीप सिंह जी सहित कई गणमान्य एवं प्रबुद्धजन धरने में उपस्थित थे. धरने के बाद एक प्रतिनिधि मंडल ने राजभवन जाकर राज्यपाल महोदय के माध्यम से राष्ट्रपति महोदय को संबोधित एक ज्ञापन भी दिया.

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