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भारत में ‘विश्व मूल निवासी दिवस’ का औचित्य…? – प्रशांत पोळ

कल ‘विश्व मूल निवासी दिवस’ (World Indigenous Day) है. सन् 1994 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने इस दिवस की घोषणा की थी. इस कल्पना को लेकर सन 1982 में Working Group on Indigenous People समूह की पहली बैठक 9 अगस्त को हुई थी. इसलिए 9 अगस्त को ‘विश्व मूल निवासी दिवस’ मनाया जाता है. इसके […]

8 August 2020
 

खिलाफत आंदोलन: पूर्ववर्ती सौ वर्ष डॉ. श्रीरंग गोडबोले

खिलाफत आंदोलन(1919-1924) मजहबी किताबों द्वारा स्वीकृत ऐसा आंदोलन था, जिसका भारत मे प्रारंभ उसी  समय हो गया था, जब पहले  इस्लामी आक्रमणकारी ने भारत की जमीन पर कदम रखा। आधुनिक काल में ओटोमन खलीफा की चर्चा  सूफियों, उलेमा, मध्यवर्गीय मुस्लिम बुद्धिजीवियों, मुस्लिम प्रेस और आम मुस्लिमों में 1830 के दशक के बाद से दिखाई देती […]

20 July 2020
 

ચીનનો પડકાર અને આપણો પ્રત્યુત્તર – પ્રજ્ઞા સિંહ

ચીની વસ્તુઓનું બહિષ્કાર કરવાનું અભિયાન દેશભરમાં જોરશોરથી ચાલી રહ્યું છે. કોરોનાની મહામારીને કારણે વિશ્વના દેશોનો ચીન પ્રતિ જોવાની દૃષ્ટિ  પણ  બદલાઈ રહી  છે. ભારત પણ સમજી રહ્યું છે કે હિન્દી-ચીની ભાઈ – ભાઈ હવે ના થઈ શકે. હવે પ્રશ્ન તે ઊભો થાય કે ચીની સામાનના બહિષ્કાર માટે આપણી તૈયારી પૂરી છે ? શું આપણે આ ચુનોતીને સામે લડવા તૈયાર […]

16 July 2020
 

खिलाफत: मजहबी-किताबी स्वीकृति एवं ऐतिहासिक पूर्वाधार डॉ.श्रीरंग गोडबोले

किसी दीनदार मुस्लिम के लिए, सिद्धांत (तालीम-व-तरबियत) विवेक पर हावी होता है। इस्लामी सिद्धांत के निम्न तीन स्रोत हैं- कुरान, हदीस (पैगंबर मुहम्मद के कथनी एवं व्यवहार का आधिकारिक विवरण) तथा सीरत (पैगंबर मुहम्मद की जीवनी) या सुन्नत (पैगंबर मुहम्मद द्वारा दी गई पद्धति या परंपरा)। व्यक्तिगत या सामाजिक स्तर पर, यह केवल मजहबी-किताबी स्वीकृति […]

13 July 2020
 

खिलाफत आंदोलन : प्रासंगिकता और विमर्श – डॉ. श्रीरंग गोडबोले

रांची, 10 जुलाई  : खिलाफत आंदोलन (1919-1924) भारतीय मुस्लिमों के बीच उत्पन्न हुए  एक तनाव का परिणाम था, जो प्रथम विश्व युद्ध के अंत में तुर्की ओटोमन साम्राज्य के विखंडन और तुर्की में खलीफा पद की समाप्ति की आशंका के परिणामस्वरूप प्रारम्भ हुआ था। खिलाफत आंदोलन की सर्वप्रमुख मांग खलीफा (शाब्दिकअर्थ:उत्तराधिकारी, पूरे विश्व के मुस्लिमों के […]

13 July 2020
 

आपातकाल की बड़ी भारी हथकड़ी और कोमल कलाई

देश मे आपातकाल लगाए जाने वाले काले 25 जून पर प्रतिवर्ष कुछ न कुछ लिखना मेरा प्रिय शगल रहा है। किंतु, आज जो मैं आपातकाल लिख रहा हूं, वह संभवतः इमर्जेंसी के सर्वाधिक कारुणिक कथाओं मे से एक कथा होगी। जिस देश मे मतदान की आयु शर्त 18 वर्ष हो व चुनाव लड़ने की 21 […]

25 June 2020
 

भारत नेपाल पुनः समवेत – चीन हुआ अप्रासंगिक

1962  से 1967 वाला  हठधर्मी चीन भारत के प्रति 1998 मे सुधरा था और इसे सुधारा था पूर्व  प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी जी ने, जो कि भारत चीन संबन्धो के सच्चे वास्तुकार कहे जाते हैं। वर्तमान मे भारत चीन सम्बंध मे जो भी सत्व है वह 1998 के परमाणु विस्फोट से लेकर 2003 तक के अटलबिहारी शासन […]

2 June 2020
 

गांधी जी के साथ ही चला गया ‘गांधी-दर्शन’ – नरेंद्र सहगल

महात्मा गांधी एक व्यक्ति अथवा नेता नहीं थे. भारतीय अंतर्मन के एक सशक्त हस्ताक्षर थे महात्मा जी.‘रामराज्य’, ‘वैष्णव-जन’ एवं हिन्द स्वराज जैसे आदर्श उनकी जीवन यात्रा के घोषणा पत्र थे. स्वदेश, स्वदेशी, स्वधर्म, स्वसंस्कृति, स्वभाषा और स्वराज इत्यादि विचार तत्वों को गांधी जी ने स्वतंत्रता आंदोलन की कार्य संस्कृति और उद्देश्य घोषित किया था. महात्मा […]

30 January 2020
 

23 जनवरी – ब्रिटिश साम्राज्य पर अंतिम निर्णायक प्रहार करने वाले नेता जी सुभाष चंद्र बोस

यह एक ऐतिहासिक सच्चाई है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नेतृत्व में आजाद हिन्द फौज ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद पर अंतिम निर्णायक प्रहार किया था. 21 अक्तूबर, 1943 को नेता जी द्वारा सिंगापुर में गठित आजाद हिन्द सरकार को जापान और जर्मनी सहित नौ देशों ने मान्यता दे दी थी. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर […]

23 January 2020
 

काकोरी कांड – अंग्रेज़ियत से मुक्ति दिलवाना था क्रांतिकारियों का उद्देश्य – अमित त्यागी

सारे जहां में जिसका है नाम, सर ज़मीनों हिंदोस्तान, रोशन है जिससे ये आसमान, ऐसे थे बिस्मिल अशफ़ा के राम॥ शाहजहाँपुर रेलवे स्टेशन पर अंकित लेखक (अमित त्यागी) की ये पंक्तियाँ शाहजहाँपुर आने वाले सैलानियों का स्वागत एवं एवं काकोरी कांड के नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हैं। वास्तव में काकोरी कांड सिर्फ खज़ाना लूटने […]

19 December 2019